Friday, May 21, 2010
Monday, May 10, 2010
फरीदाबाद की युनिवेर्सिटी का नाम निम्न दर्जे की युनिवेर्सिटी मैं भी नहीं !
हाल ही मैं खबर मैं बताया की मानव रचना फरीदाबाद डीम्ड युनिवेर्सिटी बनने के लिए निम्न दर्जे की जरूरतों को भी पूरा नई करता इसपर यु जी सी और एच आर डी को कड़ी फटकार लगी है की आखिर ऐसे अनदेखी हुई कैसे इस तरह की युनिवेर्सिटी की डीम्ड का दर्जा क्यों दिया गया इस युनिवेर्सिटी को अर्जुन सिंह द्वारा डीम्ड का दर्जा दिया गया ! अभी इस इंस्टिट्यूट को खुले भी कुछ ज्यादा समय नई हुआ है जबकि डीम्ड युनिवेर्सिटी बनने के लीये कम से कम एक इंस्टिट्यूट को १५ साल पुराना होना जरूरी है .....
११९७ सी आई टी एम नमक कालेज से अपनी शुरुवात करने वाले इस कालेज ने २००४ तक खूब नाम बटोर २००४ मैं इसने नए इंस्टिट्यूट शुरू किए जिनमें कुछ कैनेडा से कोलेबरिसन प्राप्त डिप्लोमा कोर्स जो की किसी भी भारतीय युनिवेर्सिटी और ऑथोरिटी से मान्यता प्राप्त नहीं थे और कुछ और इंस्टिट्यूट शुरू किए जिनमें कई प्रकार के कोर्स कराये जाने लगे ये कोर्स महर्षि दयानंद युनिवेर्सिटी रोहतक से मन्येत प्राप्त कोर्स थे २००८-०९ के बीच यह डीम्ड युनिवेर्सिटी बना जिसमें युनिवेर्सिटी सर्वे मैं मानव रचना द्वारा कनाडियन कोर्स के इंस्टिट्यूट को नहीं दर्शया गया क्योकि यह युनिवेर्सिटी नियम के अनुसार नहीं था (भारतीय अमान्यता प्राप्त )और बाकी सभी इंस्टिट्यूट को दर्शा दिया गया लेकिन ये सब इसलिए किया क्योकि यु जी सी ऐसे संस्थान को मन्येत नहीं देगी जो किसी सरकारी युनिवेर्सिटी या ऐ आई सी टी और स्वं यु जी सी से मान्यता प्राप्त न हो जबकि यह संस्थान किसी भी ऐसे सरकारी भारतीय बॉडी से मान्यता प्राप्त नहीं था इसलिए इसे यु जी सी के सामने उजागर नहीं किया गया
साथ ही यह भी पता चला की यह कालेज वन विभाग की जमीन पर बना है और इसपर कई केस किए हुए है जिसमें कुछ सरकारी तथा कुछ जनहित याचिकाए है जबकि यु जी सी नियम के अनुसार युनिवेर्सिटी की अपनी जमीन होनी चाहिए और उसपर कोई झगडा नई होना चाहिए अब कितनी जमीन एक डीम्ड युनिवेर्सिटी के लिए होनी चाहिए यह बात तो बाद की है ....!!
यु जी सी नियम के अनुसार ३ साल मैं पढने वाले बच्चो का २/३ हिस्सा हास्टल मैं रह सके इतनी कैपिसिटी होनी चाहिए परन्तु यहाँ तो बच्चे कालेज कैम्पस के बहार रहकर अपना गुजारा करते है मतलब की हॉस्टल तो है पर उतना नहीं जो एक डीम्ड युनिवेर्सिटी का होना चाहिए
बच्चो का कहना है की दाखिले के समय हमें यह कालेज एक बड़े आलिशान शापिंग माल की तरेह लगा परन्तु जब यहाँ देखा की यह शापिंग माल बहार से ही अच्छा है अन्दर से पूरी तरेह खोकला है
दाखिले के वक़्त और बाद छात्रों की प्रतिकिर्या कुछ ऐसे होती है की वे यह गीत गाना नई भूलते की .....
भोली सूरत दिलके खोते नाम बड़े और दर्शन छोटे .....!!!!!
और आखिर मैं वे ये गीत गाते चले जाते है ......
“सजन रे झूठ ना बोलो, खुदा के पास जाना है,
वहां हाथी ना घोड़ा है, वहा पैदल ही जाना है।”
इसके अलावा उनके पास कोई और चारा भी तो नहीं !!!!!!
११९७ सी आई टी एम नमक कालेज से अपनी शुरुवात करने वाले इस कालेज ने २००४ तक खूब नाम बटोर २००४ मैं इसने नए इंस्टिट्यूट शुरू किए जिनमें कुछ कैनेडा से कोलेबरिसन प्राप्त डिप्लोमा कोर्स जो की किसी भी भारतीय युनिवेर्सिटी और ऑथोरिटी से मान्यता प्राप्त नहीं थे और कुछ और इंस्टिट्यूट शुरू किए जिनमें कई प्रकार के कोर्स कराये जाने लगे ये कोर्स महर्षि दयानंद युनिवेर्सिटी रोहतक से मन्येत प्राप्त कोर्स थे २००८-०९ के बीच यह डीम्ड युनिवेर्सिटी बना जिसमें युनिवेर्सिटी सर्वे मैं मानव रचना द्वारा कनाडियन कोर्स के इंस्टिट्यूट को नहीं दर्शया गया क्योकि यह युनिवेर्सिटी नियम के अनुसार नहीं था (भारतीय अमान्यता प्राप्त )और बाकी सभी इंस्टिट्यूट को दर्शा दिया गया लेकिन ये सब इसलिए किया क्योकि यु जी सी ऐसे संस्थान को मन्येत नहीं देगी जो किसी सरकारी युनिवेर्सिटी या ऐ आई सी टी और स्वं यु जी सी से मान्यता प्राप्त न हो जबकि यह संस्थान किसी भी ऐसे सरकारी भारतीय बॉडी से मान्यता प्राप्त नहीं था इसलिए इसे यु जी सी के सामने उजागर नहीं किया गया
साथ ही यह भी पता चला की यह कालेज वन विभाग की जमीन पर बना है और इसपर कई केस किए हुए है जिसमें कुछ सरकारी तथा कुछ जनहित याचिकाए है जबकि यु जी सी नियम के अनुसार युनिवेर्सिटी की अपनी जमीन होनी चाहिए और उसपर कोई झगडा नई होना चाहिए अब कितनी जमीन एक डीम्ड युनिवेर्सिटी के लिए होनी चाहिए यह बात तो बाद की है ....!!
यु जी सी नियम के अनुसार ३ साल मैं पढने वाले बच्चो का २/३ हिस्सा हास्टल मैं रह सके इतनी कैपिसिटी होनी चाहिए परन्तु यहाँ तो बच्चे कालेज कैम्पस के बहार रहकर अपना गुजारा करते है मतलब की हॉस्टल तो है पर उतना नहीं जो एक डीम्ड युनिवेर्सिटी का होना चाहिए
बच्चो का कहना है की दाखिले के समय हमें यह कालेज एक बड़े आलिशान शापिंग माल की तरेह लगा परन्तु जब यहाँ देखा की यह शापिंग माल बहार से ही अच्छा है अन्दर से पूरी तरेह खोकला है
दाखिले के वक़्त और बाद छात्रों की प्रतिकिर्या कुछ ऐसे होती है की वे यह गीत गाना नई भूलते की .....
भोली सूरत दिलके खोते नाम बड़े और दर्शन छोटे .....!!!!!
और आखिर मैं वे ये गीत गाते चले जाते है ......
“सजन रे झूठ ना बोलो, खुदा के पास जाना है,
वहां हाथी ना घोड़ा है, वहा पैदल ही जाना है।”
इसके अलावा उनके पास कोई और चारा भी तो नहीं !!!!!!
Monday, March 1, 2010
युनिवेर्सिटी मामले मैं देरी कहीं न कर दे बड़ा नुक्सान !
केंद्र सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट मैं साफ तोर पर कहा है की सरकार सभी ४४ युनिवेर्सिटी को नोटिस जारीकरेगा जिसमें सरकार ने साफ़ तोर पर कहा है की सभी ४४ युनिवेर्सिटी की मान्यता रद्द करने का केंद्र सरकार कोपूरा हक है और वह यु जी सी के किसी सुझाव को मानने के लिए बाध्य नहीं है यह बात सरकार ने इसे लिए कहीं हैक्योकि यु जी सी ने सभी ४४ युनिवेर्सिटी को समय देने की बात की थी !
सभी युनिवेर्सिटी भी यु जी सी के ही भरोसे है
मानव ससाधन मंत्रालय के मुताबिक रिविउ कमिटी के ने भी इन सभी संस्थान युनिवेर्सिटी बन्ने के लायक नई बताया है !
सभी युनिवेर्सिटी को सरकार द्वरा नोटिस जारी किया जायेगा के आखिर उनकी मन्येत क्यों न रद्द की जाये जब वे सभी एक युनिवेर्सिटी बन्ने के लायेक ही नई है !
इन सभी हालातों को देखते हुए सिर्फ एक ही बात दिमाक मैं आती है की यदि ऐसे सेंसीटिवे केस मैं भी अगरसरकार और कोर्ट ने जल्द इन सभी युनिवेर्सिटी को रद्द न किया तो ये सभी युनिवेर्सिटी बच कर भी सरकार के गलेकी हड्डी ही बनी रहेगी ......
ऐसे मैं बेहतर है सरकार जो फैसला कर चुकी है वह जल्द सुना दे ! इसी मैं दो लाक छात्रों का भला है और आगे पड़ने वाले छात्रों का भी भला है ऐसे मैं एक पुरानी कहावत अगर कही जाये तो बुरा नई होगा के " न रहेगा बांस न बजेगी बांसूरी" क्योकि जैसा हमने आपको पहले ब्लॉग मैं बताया है सरकार को उन सभी समस्याओं के लिए भी तैयार होना पड़ेगा ....
चाहे जो भी हो सरकार को यह सोचना जरूरी है के नया सत्र शुरू होने वाला है ऐसे मैं यदि फैसला किया जायेतो यह ठीक होगा
साथ ही बच्चो की ज़िन्दगी से खिलवाड़ करने वाली इन ४४ युनिवेर्सिटी को सजा के तौर पर छात्रों का पूरा खर्च उठाने का जिम्मा दिया जाये क्योकि सभी ४४ युनिवेर्सिटी ही इस धोके की गुनाहगार है !
सभी युनिवेर्सिटी भी यु जी सी के ही भरोसे है
मानव ससाधन मंत्रालय के मुताबिक रिविउ कमिटी के ने भी इन सभी संस्थान युनिवेर्सिटी बन्ने के लायक नई बताया है !
सभी युनिवेर्सिटी को सरकार द्वरा नोटिस जारी किया जायेगा के आखिर उनकी मन्येत क्यों न रद्द की जाये जब वे सभी एक युनिवेर्सिटी बन्ने के लायेक ही नई है !
इन सभी हालातों को देखते हुए सिर्फ एक ही बात दिमाक मैं आती है की यदि ऐसे सेंसीटिवे केस मैं भी अगरसरकार और कोर्ट ने जल्द इन सभी युनिवेर्सिटी को रद्द न किया तो ये सभी युनिवेर्सिटी बच कर भी सरकार के गलेकी हड्डी ही बनी रहेगी ......
ऐसे मैं बेहतर है सरकार जो फैसला कर चुकी है वह जल्द सुना दे ! इसी मैं दो लाक छात्रों का भला है और आगे पड़ने वाले छात्रों का भी भला है ऐसे मैं एक पुरानी कहावत अगर कही जाये तो बुरा नई होगा के " न रहेगा बांस न बजेगी बांसूरी" क्योकि जैसा हमने आपको पहले ब्लॉग मैं बताया है सरकार को उन सभी समस्याओं के लिए भी तैयार होना पड़ेगा ....
चाहे जो भी हो सरकार को यह सोचना जरूरी है के नया सत्र शुरू होने वाला है ऐसे मैं यदि फैसला किया जायेतो यह ठीक होगा
साथ ही बच्चो की ज़िन्दगी से खिलवाड़ करने वाली इन ४४ युनिवेर्सिटी को सजा के तौर पर छात्रों का पूरा खर्च उठाने का जिम्मा दिया जाये क्योकि सभी ४४ युनिवेर्सिटी ही इस धोके की गुनाहगार है !
Monday, February 8, 2010
क्या है हमारी दोस्ती !
दोस्ती ....जी हां जिंदगी मैं बचपन से लेकर आज तक बहुत से दोस्त मिले है इतने की शायद याद भी न हो बहुतसमय साथ रहे है लेकिन आज सभी दूर है नहीं पता कोण कहाँ क्या काम कर रहा है लेकिन कुछ ऐसे भी दोस्त हैजो आज भी उस दिन से साथ है और लगता है आने वाले समय मैं भी साथ होगे ......!!!!
जी हां मैं कहना चाहता हु की दोस्ती सिर्फ जबतक तो नई जबतक हम साथ पढ़ लिख रहे है या काम कर रहे है क्यापढाई और काम ख़तम होने के बाद दोस्ती भी ख़तम ! मैंने ऐसा होते देखा है शायद आज मेरे इस लेख को पढ़ करआप मेरी बात न भी मने लेकिन मैंने ऐसा होते देखा है ---अब आप कहेगे की आप के साथ ही ऐसा हुआ होगा--- हमारे साथ नई हो सकता लेकिन मैं फिर भी यही बात कहू तो ...आप सोचने पर विवश हो जायेगे ....और न भी मनेतो आप अपने जीवन के पिछले दोस्तों को याद करो और सोचो के उनमें से आज कितने आप के साथ है या आप सेसंपर्क बनाये है .....
इसके कारन मैं आपको बताना चाहता हु......-- लेकिन मैं पहले आपसे पूछना चाहता हु की क्या कारण है की पक्कीदोस्ती के वादे करने वाले दोस्त स्कूल या कॉलेज के ख़तम होने पर कहाँ चम्पत हो जाते है क्या आप बतायेगे ?......
जी हां मैं कहना चाहता हु की दोस्ती सिर्फ जबतक तो नई जबतक हम साथ पढ़ लिख रहे है या काम कर रहे है क्यापढाई और काम ख़तम होने के बाद दोस्ती भी ख़तम ! मैंने ऐसा होते देखा है शायद आज मेरे इस लेख को पढ़ करआप मेरी बात न भी मने लेकिन मैंने ऐसा होते देखा है ---अब आप कहेगे की आप के साथ ही ऐसा हुआ होगा--- हमारे साथ नई हो सकता लेकिन मैं फिर भी यही बात कहू तो ...आप सोचने पर विवश हो जायेगे ....और न भी मनेतो आप अपने जीवन के पिछले दोस्तों को याद करो और सोचो के उनमें से आज कितने आप के साथ है या आप सेसंपर्क बनाये है .....
इसके कारन मैं आपको बताना चाहता हु......-- लेकिन मैं पहले आपसे पूछना चाहता हु की क्या कारण है की पक्कीदोस्ती के वादे करने वाले दोस्त स्कूल या कॉलेज के ख़तम होने पर कहाँ चम्पत हो जाते है क्या आप बतायेगे ?......
Tuesday, January 19, 2010
Deemd university (pardey k peeche)
मेरे दोस्तों जानकर दुःख हुआ की 44 डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द हो रही है .. लेकिन अगर देखा जाये तो अबऐसा नई लगता की यह कोई दुःख की बात है क्योकि अब तक हम एक pvt। यूनिवर्सिटी मैं ही पढ़ रहे थे जबकिअब हमें डीम्ड यूनिवर्सिटी की जगह उसी यूनिवर्सिटी की डिग्री मिलने का प्रावधान दिया गया है (यूनिवर्सिटी बननेसे पहले कॉलेज जिस यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त था ) जो की हमारे लिए एक अच्छी बात है क्योकि प्राइवेट यूनिवर्सिटी से अच्छा है किसी सरकारी और मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की डिग्री मिले साथ ही लोगो ने उस यूनिवर्सिटी का नाम भी सुना हो ....डीम्ड यूनिवर्सिटी की शंख्या इतनी अधिक है के हम एक यूनिवर्सिटी की भीड़ मैं खो जाएगी और साथ ही इनके द्वारा कला धंधा करने वाले लोग भी बढ़ जायेगे जैसे - नकली डिग्री या पैसे के दम पर डिग्री लेने वाले लोगो की मात्रा भी बढ जाएगी और शिक्षा और गुणवत्ता की कोई अहेमियत नहीं रह पायेगी साथ ही शिक्षा को भी बाज़ार मैं बिकने वाली चाट पकोड़ी की तरह ही खरीदने वालो की लाइन लग जाएगी जहां मानसिकताऔर कबिलता के बूते नहीं बल्कि पैसो से % बनेगी जितने ज्यादा धनं (पैसे ) उतना % में दम ...असली और काबिल स्टुडेंट कभी आगे नहीं आ पायेगे ....आमिर खान ने 3 IDIOTS में कहा है की कबिलता के पीछे जाओकामयाबी खुद पीछे आएगी ...लेकिन शायद अगली फिल्म में वोह कहे की पैसे हो तो डिग्री घर की खेती है पैसे हो तो कभी भी ले लो !....इससब को शायद अभी नज़र अंदाज़ किया जा सकता है लेकिन यह आने वाले समय में सरकार की गले की हड्डीजरूर बनेगा ...इससे भरष्टाचार और भी बढेगा ...इसी के साथ देखा जाये तो यूनिवर्सिटी बनाने के लिए भी कहीं न कहीं जरूर कोई न कोई घपला हुआ है जो 126 यूनिवर्सिटी में से 82 का सुर्वे हुआ और 44 रद्द हुई और 38 बनीयानि जरूर ये 44 यूनिवर्सिटी शायद उन यूनिवर्सिटी में से ही है जिनके के बारे हमने आपको बताया है साथ हीकपिल सिबल जी ने यह भी कहा है की बाकी बची 44 यूनिवर्सिटी जिनकी रिपोर्ट आनी अभी बाकी है उन्हें भी रद्दकरने की बात की जा रही है उनका मानना है की भविष्य में डीम्ड यूनिवर्सिटी हो ही ना ....लेकिन देखना यह है कीआज जब भी किसी यूनिवर्सिटी की रद्द होने की बात की जाती है तो सिर्फ यही बात की जाती है की "सब पैसे काखेल है ,पैसे देते ही सब ख़तम हो जाएगा " क्या ऐसा ही होगा ? यह एक बड़ा सवाल है हम सब के लिए और आगएपढने वाले मेरे सभी साथियों के लिए ...अगर पैसे से शिक्षा (डिग्री ) को बेचने की प्रिटिंग मशीन खरीदी जा सकती है तो क्या उसे मान्य बताने वाली मोहर भी खरीदी जा सकती है क्या फर्क रहेगा असली और नकली में !!! - फिर तोहर पैसे वाला सबसे से ज्यादा पढ़ा हुआ आदमी होगा ...घर की देवारो पर पैसे वाले लोग फोटो की जगह डिग्रीलगायेगे और पैसे वाले लोग और उनके रिश्तेदार और जानकार फ़ोन पर ही डिग्री होल्डर बन जायेगे ....लेकिन मेंजानना चाहता हु के अगर सरकार ने इन्हें यूनिवर्सिटी बनाया तो क्या सरकार (UGC-AICT-HRD) गारंटी लेती है के ऐसा नहीं होगा ! और यदि हुआ तो ? सरकारी दफ्तरों मैं भ्रष्टाचार रोकने मैं नाकाम रही सरकार, के लिए यूनिवर्सिटी की इतनी बड़ी भीड़ में कब कहाँ क्या हो रहा है ये बताना शायद सरकार को भी भारी पड़ जाये !!!....और साथ ही में जानना चाहता हु आप सब लोग से के आखिर कब तक हम शिक्षा मफिओं के ये जुल्म सहते रहेगी कुछ भी हो ये हम सब के साथ एक बड़े धोखे से कम नई है ....हम शुक्रगुजार है श्री कपिल सिबल जी और TOI के जिन्होंने एक बड़े नुक्सान को होने से रोक दिया ....लेकिन क्या इससेशिक्षा मफिओं का पर्दा फास हो गया ........ जवाब नहीं !...क्योकि हम सब जानते है की अगर डीम्ड नहीं तो पुरानीसमय में जो यूनिवर्सिटी थी वोह हमारे साथ है ......लेकिन फिर कुछ बाते है जो जानना जरूरी है ......पहले में आपसभी को बता दू की माननिये सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी है की इन 44 यूनिवर्सिटी को किस बेस पर यूनिवर्सिटीबनाया है .....और उसके बाद पि.के टंडन और कपिल सिबल जी की एक्सपर्ट कमिटी की रिपोर्ट और शिफारिश परगौर किया जाएगा ...
छात्रों के ध्यान रखने योग्य बाते ......- Humain chahiye ki ab hum sab deemd university ki jageh .....puraani universty main hi
transfer kia jaye ..... - Hamari fees ka bacha hissa wapas kia jaye / fees main adjust kia jaye
- College ka time 9-3 kia jaye /aur sardio main 9.30-4 kia jaye
- Poori tareh se transport suvidha di jaye .
- Class main educated teachers hone chahiye ...
- College main poori matra main sourses diye jaye ....
- Students ko regging se mukti dilai jaye....
- Sabhi 44 deemd university ki CBI jaanch k adesh diye jaye ....
- Agar koi student kisi jaanch adhikari ko koi saboot/proof/facts k baare main batana chahe to use iski ek aasaan suvidha di jaye eg. CONTACT NO. E-MAIL ETC.
- students ko placement di jaye / jo ki sirf papers par na hoke reality main bhi honi chahiye
- unnecessary fine ko hataya jaye ...
- donation parakirya khatam ki jaye ....
- intake capacity k anusaar hi admission lie jaye ...
- JAB TAK DEEMD UNIVERSITY PAR CASE CHAL RAHA HAI COLLEGE MAIN KOI FEES NAI DI JAAYE....FINAL DECISION TAK ....NEXT DATE OF SUPREME COURT IS 8 FEB 2010...
Thursday, January 14, 2010
modernisation in study
hmm kya sach main hum padh rahe hai ?
aane wali generation ko ye sawaal bada hi pareshaan kar dene wala hogaa ! kyoki use yehh samjh paana mushkil hai ki sach main wohh padh raha hai ya nai ! kya jis padai k liye usne apne 12 saal (1st to 12th class ) padai ki kya collge main jaane k baad vahh us ka koi use samjhta hai ! kya use lagta hai ki wehh jo padai kar raha hai usse wohh aane wale time main kaam ane wali hai ? is par main aap sab ki rai comment k jareye chahta hu .....kyoki sirf mere vichaar shayad iska poori tareh jawaab na day sake isliye yehh awashyak hai ki aap mujhe upar likhe questions k jawaab day freely and frankly ...........
THANKYOU !
aane wali generation ko ye sawaal bada hi pareshaan kar dene wala hogaa ! kyoki use yehh samjh paana mushkil hai ki sach main wohh padh raha hai ya nai ! kya jis padai k liye usne apne 12 saal (1st to 12th class ) padai ki kya collge main jaane k baad vahh us ka koi use samjhta hai ! kya use lagta hai ki wehh jo padai kar raha hai usse wohh aane wale time main kaam ane wali hai ? is par main aap sab ki rai comment k jareye chahta hu .....kyoki sirf mere vichaar shayad iska poori tareh jawaab na day sake isliye yehh awashyak hai ki aap mujhe upar likhe questions k jawaab day freely and frankly ...........
THANKYOU !
Wednesday, January 13, 2010
youth can change nation
Today our youth shoud be change to change our nation . beacause all the illigal things shoud be banned by the youth, history is the vitness of the word YOUTH CAN CHANGE NATION. beacause at any time *(past or present) when youth came forword for his/her rigts they all get them easily.
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About Me
- jitendra chaudhary
- FARIDABAD, HARYANA, India
- i am a person who wants to remove corruption from our surroundings. i am very serious about it,and like all the people who thinks like me and work against the corruption. corruption isn't only which we all see in govt. office's its also in some pvt. sectors and industries colleges etc. so that i want to became a journalist or a reporter for which i have chosen the media line. but when i was working whit TOTAL TV i saw that some people or media is also corrupted and they are also don't want to tell the truth to the people ........BUT STILL I HAVE CONFIDENCE AND PLANNING TO LAUNCH MY OWN NEWS PAPER WHICH IS NOT CORRUPTED AND ONLY TELL TRUTH TO THE LOCAL PEOPLE .....KYOKI KOSHISH KARNE WALO KI KABHI HAAR NAI HOTI