Monday, May 10, 2010

फरीदाबाद की युनिवेर्सिटी का नाम निम्न दर्जे की युनिवेर्सिटी मैं भी नहीं !

हाल ही मैं खबर मैं बताया की मानव रचना फरीदाबाद डीम्ड युनिवेर्सिटी बनने के लिए निम्न दर्जे की जरूरतों को भी पूरा नई करता इसपर यु जी सी और एच आर डी को कड़ी फटकार लगी है की आखिर ऐसे अनदेखी हुई कैसे इस तरह की युनिवेर्सिटी की डीम्ड का दर्जा क्यों दिया गया इस युनिवेर्सिटी को अर्जुन सिंह द्वारा डीम्ड का दर्जा दिया गया ! अभी इस इंस्टिट्यूट को खुले भी कुछ ज्यादा समय नई हुआ है जबकि डीम्ड युनिवेर्सिटी बनने के लीये कम से कम एक इंस्टिट्यूट को १५ साल पुराना होना जरूरी है .....
११९७ सी आई टी एम नमक कालेज से अपनी शुरुवात करने वाले इस कालेज ने २००४ तक खूब नाम बटोर २००४ मैं इसने नए इंस्टिट्यूट शुरू किए जिनमें कुछ कैनेडा से कोलेबरिसन प्राप्त डिप्लोमा कोर्स जो की किसी भी भारतीय युनिवेर्सिटी और ऑथोरिटी से मान्यता प्राप्त नहीं थे और कुछ और इंस्टिट्यूट शुरू किए जिनमें कई प्रकार के कोर्स कराये जाने लगे ये कोर्स महर्षि दयानंद युनिवेर्सिटी रोहतक से मन्येत प्राप्त कोर्स थे २००८-०९ के बीच यह डीम्ड युनिवेर्सिटी बना जिसमें युनिवेर्सिटी सर्वे मैं मानव रचना द्वारा कनाडियन कोर्स के इंस्टिट्यूट को नहीं दर्शया गया क्योकि यह युनिवेर्सिटी नियम के अनुसार नहीं था (भारतीय अमान्यता प्राप्त )और बाकी सभी इंस्टिट्यूट को दर्शा दिया गया लेकिन ये सब इसलिए किया क्योकि यु जी सी ऐसे संस्थान को मन्येत नहीं देगी जो किसी सरकारी युनिवेर्सिटी या आई सी टी और स्वं यु जी सी से मान्यता प्राप्त हो जबकि यह संस्थान किसी भी ऐसे सरकारी भारतीय बॉडी से मान्यता प्राप्त नहीं था इसलिए इसे यु जी सी के सामने उजागर नहीं किया गया
साथ ही यह भी पता चला की यह कालेज वन विभाग की जमीन पर बना है और इसपर कई केस किए हुए है जिसमें कुछ सरकारी तथा कुछ जनहित याचिकाए है जबकि यु जी सी नियम के अनुसार युनिवेर्सिटी की अपनी जमीन होनी चाहिए और उसपर कोई झगडा नई होना चाहिए अब कितनी जमीन एक डीम्ड युनिवेर्सिटी के लिए होनी चाहिए यह बात तो बाद की है ....!!
यु जी सी नियम के अनुसार साल मैं पढने वाले बच्चो का २/हिस्सा हास्टल मैं रह सके इतनी कैपिसिटी होनी चाहिए परन्तु यहाँ तो बच्चे कालेज कैम्पस के बहार रहकर अपना गुजारा करते है मतलब की हॉस्टल तो है पर उतना नहीं जो एक डीम्ड युनिवेर्सिटी का होना चाहिए
बच्चो का कहना है की दाखिले के समय हमें यह कालेज एक बड़े आलिशान शापिंग माल की तरेह लगा परन्तु जब यहाँ देखा की यह शापिंग माल बहार से ही अच्छा है अन्दर से पूरी तरेह खोकला है
दाखिले के वक़्त और बाद छात्रों की प्रतिकिर्या कुछ ऐसे होती है की वे यह गीत गाना नई भूलते की .....
भोली सूरत दिलके खोते नाम बड़े और दर्शन छोटे .....!!!!!
और आखिर मैं वे ये गीत गाते चले जाते है ......
“सजन रे झूठ ना बोलो, खुदा के पास जाना है,
वहां हाथी ना घोड़ा है, वहा पैदल ही जाना है।”
इसके अलावा उनके पास कोई और चारा भी तो नहीं !!!!!!

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FARIDABAD, HARYANA, India
i am a person who wants to remove corruption from our surroundings. i am very serious about it,and like all the people who thinks like me and work against the corruption. corruption isn't only which we all see in govt. office's its also in some pvt. sectors and industries colleges etc. so that i want to became a journalist or a reporter for which i have chosen the media line. but when i was working whit TOTAL TV i saw that some people or media is also corrupted and they are also don't want to tell the truth to the people ........BUT STILL I HAVE CONFIDENCE AND PLANNING TO LAUNCH MY OWN NEWS PAPER WHICH IS NOT CORRUPTED AND ONLY TELL TRUTH TO THE LOCAL PEOPLE .....KYOKI KOSHISH KARNE WALO KI KABHI HAAR NAI HOTI